Business India

भारत में सभी छोटे व्यापारों को बीमा की आवश्यकता क्यूँ है

भारत में सभी छोटे व्यापारों को बीमा की आवश्यकता क्यूँ है
Share

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के अनुसार, सन् 2018 में 3.3 करोङ से भी ज्यादा कानूनी मामले विचाराधीन हैं। यदि आप एक व्यापारी हैं जो कि इन मामलों में नहीं पङना चाहता तो आपको अपने व्यापार के लिये बीमा लेने पर विचार करना चाहिए । यह सुनिश्चित करता है कि आप (व्यापारी) और आपका व्यापार न्यायिक मामलों से दूर रहे और साथ ही तुलनात्मक रूप से इन विवादों का समाधान भी आसान तरिके से करता है

और जब आप यह सुनिश्चित कर लें कि भारत में आपके व्यापार को बीमा की आवश्यकता है तब आपको यह ध्यान देना होगा कि आपको किस प्रकार के बीमा की आवश्यकता है। हालाकि यहाँ बहुत प्रकार के बीमा हैं जिनमें से आप चुन सकते हैं और उनमें भी जिन चुनिंदा बीमा का सलाह दी जाती है वो इस प्रकार हैं।

1. सामान्य देयधन बीमा

यह व्यापार बीमा यदि कोई सम्पत्ति पर दावा करता है या शारिरिक रूप से चोटिल हो तो सुनिश्चित करता है कि आप, आपका सामान अथवा सेवायें तथा आपके कर्मचारी सुरक्षित हैं। यह सुरक्षा तथा क्षति दोनों प्रदान करता है। इसके प्रयोग को एक उदाहरण हो सकता था दिल्ली के एक स्कूल के 25 बच्चे जो मिड डे मिल खाने के बाद बीमार हो गए थे यदि प्रदाता ने जनरल लाइबिलिटी इंश्योरेंस लिया होता तो वह मुकदमें तथा वित्तीय दावे से सुरक्षित होता।

2. व्यापार मालिकों की नीतियाँ

यह नीति एक प्रकार का पैकेज है जो कि विभिन्न प्रकार के बीमा को सम्मिलित करता है जैसे देय बीमा, वाहन बीमा, सम्पत्ति बीमा, अपराध बीमा आदि। आप निर्णय ले सकते हैं कि आपको किस बीमा कि आवश्यकता है और कई सारी सेवाओं का एक बंडल तैयार कर सकते हैं जो कि प्रायः सस्ता होता है।

3. सम्पत्ति बीमा

यह व्यापारिक बीमा उन सभी सम्पत्तियों पर लागू होती है जो व्यापार से सम्बंधित होते हैं। यह नीति बिल्डिंग्स, कार्यालय की जगह, कार्यालय के उपकरण से लेकर इन्वेंटरी तथा साधन आदि सभी चीजों को कवर करने के लिये बनाई गई है। यह बीमा चोरी, बर्बरता, आग, धूम्र क्षति आदि के विरुद्ध भी कवरेज प्रदान करती है ।भारत में सभी व्यापारों को बीमा की आवश्यकता क्यूँ है खासकर सम्पत्ति बीमा की इसका एक उदाहरण है कलकत्ता का बागङी बाजार अग्निकाण्ड जिसमें 80 करोङ के व्यापार का नुकसान हो गया।

4. व्यवसायी देयधन बीमा

यह व्यापार बीमा उन व्यवसायियों के लिए आवश्यक है जो हेयर सलून, रीयल स्टेट एजेण्ट अथवा फ्रीलांस कंटेट राइटर आदि जैसी सेवायें प्रदान करते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि यदि एक व्यक्ति किसी कारणवश सेवा देने में असफल रहता है तो उसे सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

5. उत्पाद देयधन बीमा
Log in to continue reading

Find this useful? share it with your employees or peers in the industry


Share

Discuss this on Facebook

Leave a Reply